- हृदेश अग्रवाल
आतंकवाद वो दीमक की तरह है जो एक बार अगर किसी वस्तु में लग जाए तो पूरी तरह से वस्तु को खत्म
करके ही दम लेता है उसी प्रकार आतंकवाद दीमक की तरह हमारे भारत देष से चिपक गया है जो लगता है कि पूरी तरह खत्म करके ही दम लेगा क्योंकि दिल्ली में हुए आतंकवादी हमलों में दिल्ली पुलिस ने जो उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में जो छापामारी की तो पता चला कि इन आतंकवादियों के दोनों फाइनेंसर पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं और इन्हीं को लेकर दिल्ली व उप्र पुलिस सहित पूरे देश को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि वो जितना सोच रहे थे ये सब कुछ उस सबसे बढ़ कर है। दिल्ली में बम धमाकों को अंजाम देने वाले आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन के आति
फ का जब ईमेल चेक किया गया तो एक और खुलासा सामने आया जिसमें लिखा था कि देष में आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए गौरी व गजनबी नामक आतंकी संगठन जिसमें करीब 20-30 कार्यकर्ता शामिल होंगे वो मौके की तलाष में हैं। दैनिक भास्कर में छपी ख़बर गुजरात के वड़ोदरा में हुए हमले में छापे की कार्यवाही को अंजाम देते वक्त विस्फोटक सामान के साथ क्राइम ब्रांच के अधिकारियों को एक भड़काऊ सीडी बरामद हुई और क्राइम ब्रांच के अनुसार यह सीडी उस्मान अगरबत्तीवाला नामक आरोपी के ठिकाने से वरामद हुई जिसको देखने के बाद तो मानो पुलिस के पांव के नीचे से जमीन ही खिसक गई हो, उस सीडी में कुछ और नहीं भड़काऊ भाषण व आतंकवादी गतिविधियां शामिल थीं कि अगर कोई भी इसका विरोध करता है तो मौत के घाट उतार दिया जाएगा। ये किसी और ने नहीं बल्कि अलकायदा के प्रमुख ओसामा बिन लादेन, अयमान अल जवाहिरी और तालिबानी नेता मुल्ला उमर के भड़काऊ भाषण व आतंकवादी गतिविधि को अंजाम देने की बात थी। जिसमें साफ-साफ लिखा है कि अल्लाह को न मानने वाला और जो मुसलमान हमारे काम में अड़चने पैदा करेगें उन्हें भी मौत के घाट उतार दिया जाएगा, और कोई भी हिन्दू या मुसलमान अगर विरोध करता है तो उसका सर कलम कर दिया जाएगा। जो मुसलमान कहते हैं कि कोई भी आतंकी हिंसा होती है और सबसे पहले शक की बुनियाद पर हम मुसलमानों को गिरफ्तार किया जाता है तो क्या करें जितने भी आतंकी संगठन हैं वह सब भी तो मुस्लिम आतंकी संगठनों से तालमेल रखते हैं और कहते हैं कि अल्लाह को न मानने वालों को मौत के घाट उतार दिया जाएगा। इन आतंकी हमलों से पाकिस्तान तो बहुत खुश होगा क्योंकि यही पाकिस्तान तो है जो दुनिया भर के आतंकियों को पनाह देता है और भारत की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाकर उसकी पीठ में छुरा भौंकता हैं और कहता यही है कि हमें बहुत खेद है कि भारत पर आतंकी हमला हुआ। पाकिस्तान के जो मंसूबे हैं कि मैं भारत पर बार-बार आतंकी हमला करवाकर किसी तरह से कष्मीर को ले लूंगा तो पाक यह भूल जाए कि कष्मीर तो मिलने नहीं देंगे। भारत-पाक की जब कभी भी शांति वार्ता के लिए पहल की जाती है तो शांति वार्ता में आतंकियों को छोड़ पहले कश्मीर मुद्दा उठ जाता है। यह तो वही बात हुई मखमल में लपेटकर जूते से मार लिया, अगर किसी ने कहा कि मार क्यों रहे हो तो कह दिया कि मारा कहां से साफ किया है।
Wednesday, September 24, 2008
आतंकवाद का एक और घिनौना चेहरा
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