Tuesday, September 23, 2008

आतंकवाद पर वाद-विवाद

हृदेश अग्रवाल
कुछ दिनों पहले देश की राजधानी दिल्ली में हुए आतंकवादी हमलों ने सबको सकते में डाल दिया क्योंकि उससे पहले हुए उप्र के वाराणसी, राजस्थान के जयपुर एवं गुजरात के सूरत में हुए हमलों में शासन व प्रशासन का एक ही जबाव था कि जल्द ही आतंकवादियों को गिरफ्तार कर आतंकवादा का सफाया कर दिया जाएगा। लेकिन सफाया तो दूर की बात है आतंकवादियों ने भारत की सरकार व पुलिस प्रशासन को मुंह तोड़ जबाव दिया दिल्ली में बम ब्लास्ट करके। आतंकवादियों ने बता दिया की सरकार व पुलिस प्रशासन हमारा कुछ भी नहीं बिगाड़ सकता क्योंकि न तो सरकार को कोई मतलब है यहां की जनता से उन्हें तो सिर्फ और सिर्फ राजनीतिक रोटियां सेकनी आती हैं और उसके अलावा कुछ दूसरा यहां की जनता भी आतंकवाद के खिलाफ चार दिन को जोर-शोर से हल्ला करती है और बाद में चुप होकर बैठ जाती है। अभी हाल ही में दैनिक भास्कर के डीबी स्टार के 23 तारीख के अंक में छपा है कि मास्टरमाइंड पर मतभेद यह बात बिल्कुल सौलह-आने सही है। अभी हाल ही में दिल्ली में पकडे़ गए मो. सैफ और तौकीर उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया है उसके बाद भी आतंकवाद पर दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों की पुलिस एक मत नहीं हो पा रही है और एक दूसरे से मतभेद करती नजर आ रही है। दिल्ली पुलिस में जेसीपी करनैल सिंह का कहना है कि दिल्ली, गुजरात, जयपुर और उप्र के वारायणी के बम धमाकों में मास्टर माइंड आतंकी था जो इंडियन मुजाहिद्दीन का चीफ था। वहीं दूसरी और गुजरात के डीजी पी. सी. पांडे जी का कहना है कि गुजरात व जयपुर के बम धमाकों के पीछे मास्टर माइंड अबू बाशर व तौकीर का हाथ है ये दोनों भी इंडियन मुजाहिद्दीन संगठन के कार्यकर्ता हैं। राजस्थान के आईजीपी ए. के. जैन के अनुसार लखनऊ में बम धमाकों को अंजाम मास्टर माइंड केफे संचालक शाहबाज हुसैन ने अंजाम दिया जिसे राजस्थान पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार किया। वहीं उत्तर प्रदेश पुलिस का कहना है कि यूपी में धमाकों का मास्टर माइंड न तो सिमी है और न इंडियन मुजाहिद्दीन बल्कि यहां धमाकों का मास्टर माइंड दूसरा ही संगठन है और वह है बांग्लादेश का आतंकी संगठन हरकत-अल-जेहादी-इस्लामी (हूजी) को जिसको की उप्र पुलिस मानती है। वहीं एडीजी यूपी ब्रजलाल के अनुसार वाराणसी के मार्केट में हुए बम धमाकों को अंजाम हूजी नामक आतंकी संगठन के स्टेट कमांडर वाजीउल्लाह का हाथ है। इसमें तो एक ही बात सामने आती है कि न तो पुलिस को जानकारी है कि इन धमाकों के पीछे कौन से आतंकी संगठन हैं और वह यह सब क्यों कर रहे हैं। वहीं गुजरात के ज्वाइंट कमीश्नर आशीष भाटिया का कहना है कि दिल्ली पुलिस जो आतंकी संगठन के नाम बता रही है वही सही है।
गुजरात के मुख्यमंत्राी नरेन्द्र मोदी भी कह चुके हैं कि मैं कोई बात नहीं करता सिर्फ कार्यवाही करता हूं। वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्राी व बसपा सुप्रीमो मायावती ने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि आतंकवाद को जड़ से खत्म कर दिया जाएगा अगर कोई भी लापरवाही हुई तो उस अफसर को तुरंत निलंबित कर दिया जाएगा।
दैनिक भास्कर के 20 सितंबर के अंक में छपा था कि आजमढ़ जिले से आतंकीतार जुड़ते नजर आ रहे हैं क्योंकि अंडरवल्र्ड डाॅन अबू सलेम व अनीस इब्राहिम भी आजमगढ़ के थे हो सकता है कि उन्हीं के बाद से वहां पर आतंकवादियों ने अपना गढ़ बना लिया हो। आजमगढ़ में सपा के जिला उपाध्यक्ष शादाब अहमद ने कहा था कि अगर मेरा बेटा आतंकवादी निकलता है तो मैं उसे गोली मार दूंगा उसी दिन इलेक्ट्राॅनिक मीडिया व दैनिक भास्कर के 21 अंक में आया कि आतंकवादियों से मुठभेड़ में भले ही दिल्ली पुलिस के जाबांज इंस्पेक्टर शहीद हो गए हों लेकिन सैफ के पिता शादाब और आतिफ की मां रजिया अमीन को अब इस बात पर संदेह हो चला है कि पुलिस ने स्क्रेच जारी किए व जो आतंकवादी पकड़े वे उनके बच्चे नहीं है इसलिए सैफ के पिता ने मीडिया को फोन पर बताया कि मुठभेड़ की संसदीय समिति से न्यायिक जांच कराने की मांग की है। वहीं आतिफ की मां ने मीडिया के सामने आकर अपने बेटे आतिफ के बचाव में जोरदार प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि मुठभेड़ पर संदेह जताकर कहा कि मेरा बेटा आतिफ तो पढ़ने में होशियार था व वह दाढ़ी भी रखता था जबकि पुलिस द्वारा जो लोग दिखाए उनमें आतिफ के दाढ़ी नहीं थी जबकि आतिफ दाढ़ी कटवाने के नाम पर भड़क जाता था उन्होंने कहा कि मेरे बेटे का नाम लेकर उसे फसाया जा रहा है जिसकी उन्होेंने न्यायिक जांच की मांग की है। तो क्या शादाब अहमद आप अपने बेटे सैफ को गोली न मारकर अपने शब्दों से दूर भाग रहे हैं एक तरीके से आप भी आतंकियों का साथ दे रहे हैं।
दूसरी ओर गुजरात के जमैतुल उलेमा-ए-हिन्द के अध्यक्ष मौलाना मुस्तकीन अहसान आजमी का कहना है कि कोई भी बमकांड हो या आतंकवादी पकड़ाए हमेशा पहले मुसलमानों को ही पकड़ा जाता है ऐसा हमारी कौम बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। अरे मौलाना साहब मुस्लिम को हम दुश्मन नहीं मानते लेकिन पाकिस्तान तो अपनी हरकतों से बाज नहीं आता वह तो मुस्लिम आतंकी संगठन ही बनाता है तो सरकार, पुलिस या कोई हिन्दुस्तानी कैसे भरोसा कर सकता है मुसलमानों पर।

No comments: