- हृदेश अग्रवाल
द मंडराने लगे थे लगने लगा था कि मानो अब हिन्दुस्तान से हिन्दुओं का नामो-निशान बिल्कुल ही खत्म कर दिया जाएगा। हमारी माताएं-बहनें घर से निकलने में कतराने लगी थीं कि घर से बाहर कदम रखने पर ऐसा न हो कि कहीं कोई मुगल शासन हमें उठाकर मुगलों के कदमों में न डाल दे। ओर तो ओर हिन्दुओं के मंदिरों को तोड़ा जा रहा था जिस जगह हमारा भगवान सुरक्षित नहीं था तो हमारी माता-बहनें कैसे सुरक्षित रहतीं, हिन्दु सिर्फ यही प्रार्थना करते कि हे भगवान क्या हमारी रक्षा के लिए कोई नहीं आएगा क्या हम इन मुगलों के शासनकाल में ऐसे ही जिएंगे। तब कहीं जाकर भगवान ने हिन्दुओं की सुनी और हमारे देश में एक बार फिर उन मां ने ऐसे सपूतों को जन्म दिया जिन्हें हम नहीं बल्कि समूचा भारत उन्हें वीर सावरकर और वीर शिवाजी के नाम से जानता है जिन्होंने न सिर्फ हिन्दुओं को एक नई पहचान दी बल्कि हिन्दुस्तान में मुगलों के पंजों से अपने प्या
रे वतन को छुड़ाने की भी आस जागी वहीं हिन्दू मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना भी करने लगे थे क्योंकि उन्हें मालूम था कि अब भारत मां की रक्षा व मुगलों को मुंह तोड़ जबाव देने के लिए वो सपूत आगे आए हैं जिन पर आगे चलकर पूरी भारत को गर्व होगा, और हर मां यही सोचेगी काश मेरी कोक से भी वीर सावरकर व वीर शिवाजी जैसे सपूत जन्म लें और भारत मां की रक्षा के लिए शहीद हो जाएं।अगर सावरकर जी व शिवाजी जैसे हिन्दु रक्षक आगे नहीं आए होते तो हम हिन्दु आज भी किसी मुस्लमान के यहां उनकी जी-हजूरी कर रहे होते और हमारी माता-बहनें आज भी असुरक्षित होतीं।मैं यही कहना चाहूंगा भाई रजनीश के झा से कि
वह यह कहना बंद कर दें कि बजरंग दल हिन्दुओं का ठेकेदार नहीं बल्कि देश का सबसे बड़ा आतंकवादी संगठन है क्योंकि इन्हीं के वजह से आज हम देश में आजाद घूमते नजर आ रहे हैं, और जैसा कि आपने कहा है कि बजरंग दल वाले तो जयचंद के वारिस हैं जिन्होंने गद्दी के लिए पृथ्वीराज चैहान को अपने फायदे के लिए बेच दिया तो भाई रजनीश के झा जी आपको यह भी मालूम होना चाहिए कि पृथ्वीराज चैहान को हम एक वीर योद्धा के रूप में जानते हैं वही जयचंद को एक गद्दार के रूप में क्योंकि जयचंद ने अपने देश गद्दारी की थी।वहीं बजरंग दल देश के साथ गद्दारी नहीं बल्कि भारत मां की रक्षा व हिन्दुओं की रक्षा के लिए वह लड़ता है व अपना खून बहाकर भी देश की रक्षा करता है, ताकि उनके इस बलिदान को आगे आने वाली हिन्दू पीड़ियां याद रखें। तो भाई रजनीश कृपया आप बजरंग दल को आतंकी संगठन न कहकर एक देश भक्त संगठन कहें।इसी पर एक चर्चा हुई बजरंग दल के पूर्व जिला सहसंयोजक बालिस्ता रावत से जिस पर उन्होंने कहा कि हमारे देश में अगर आतंकवादियों से लड़ने व हिन्दुओं की रक्षा के लिए कोई सबसे बड़ी ताकत अगर है तो वो है विश्व हिन्दु परिषद व बजरंग दल ये गद्दार संगठन नहीं हो सकते बल्कि ये तो देश भक्त संगठन हैं वीर सावरकर व वीर शिवाजी की तरह इस पर बालिस्ता रावत ने इन शहीदों की याद में एक गीत लिखा है जिसकी कुछ पंक्तियां हैं:-जागो तो एक बार हिन्दु जागो तो
जागी थी जब झांसी की रानी, झूब लड़ी पर हार न मानी
चमक उठी तलवार हिन्दू जागो तो
जागो तो एक बार हिन्दु जागो तो....
जागे थे सावरकर प्यारे, असबंली में लग गए नारे
पलट गई सरकार, हिन्दू जागो तो
जागो तो एक बार हिन्दु जागो तो.....
No comments:
Post a Comment