उड़ीसा और कर्नाटक में हुए चर्चों पर हमले से बौखलाए ईसाई समुदाय ने हिन्दू संगठन बजरंग दल पर आरोप लगाते हुए कहा है कि
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जरंग दल एक आतंकी संगठन है इस पर जल्द से जल्द प्रतिबंध लगना चाहिए। उन्होंने कहा कि सावरकर व शिवाजी ने जब हिन्दुओं को एकत्रित किया था जब से ही मुस्लिमों व ईसाईयों को हिन्दु लोग अपना दुश्मन समझते हैं और हम पर और हमारे धर्म पर ऊंगली उठाते हैं। बजरंग दल को क्या हक है कि वह ईसाई समुदाय के चर्चों को जलाए। हम तो किसी भी समाज के व्यक्ति से नहीं कहते है कि वह अपना धर्म छोड़ हमारे ईसाई धर्म को अपनाए। अगर कोई खुद हिन्दू अपना धर्म छोड़कर हमारा धर्म अपनाना चाहते हैं तो हम क्यों मना करें। वहीं बजरंग दल का कहना है कि हम यह कतई बर्दाशत नहीं करेंगे कि हमारे हिन्दू समाज को कोई तोड़े जो हिन्दू समाज को तोड़ने की जुर्रत करेगा उसका यही हश्र होगा, चाहे वह किसी भी धर्म या समाज का हो। वहीं बजरंग दल ने कहा कि दूसरे धर्म के लोग हमारे हिन्दू समाज के लोगों को कई प्रकार के प्रलोभन देते हैं और अपना हिन्दू धर्म छोड़कर अपने धर्म में सम्मिलित होने को कहते हैं, लेकिन यह नहीं जानते कि हिन्दू समाज या संगठन कभी इस बात को बर्दाशत नहीं करेगा कि कोई भी दूसरा धर्म या समुदाय हमारे धर्म या समाज के टुकड़े कर हमको बोना साबित करे। हम तो किसी और समुदाय के व्यक्ति को नहीं जोड़ते। हम दूसरे समुदाय को अपने हिन्दू समुदाय के ऊपर हावी नहीं होने देंगे क्योंकि यह हिन्दुस्तान हिन्दुओं का है। अगर हम दूसरे समुदाय वालों से कहें कि तुम अपने बाप को बाप न बोलकर हमारे बाप को अपना बाप बोलो तो क्या तुम बोलोगे? जो हम अपने बाप को बाप न कहकर तुम्हारे बाप को बाप कहें। अगर आज हिन्दुस्तान में विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल जैसे हिन्दू संगठन नहीं होते तो हम हिन्दुओं का नामो-निशान यह दूसरे समुदाय के लोग काफी पहले ही मिटा चुके होते या अपना गुलाम बना होते, लेकिन भला हो इन हिन्दू संगठनों का जो हमारे इस बहुसंख्यक समाज को आज भी जोड़े रखें हैं।
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